राजस्थान में अब स्थानीय युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी, गहलोत सरकार एक्शन में

राज्य

देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर अब राजस्थान भी मूल राजस्थानियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देने में जुट गई है। सीएम अशोक गहलोत के निर्देश के बाद अब कार्मिक विभाग की इसे लेकर एक्टिव हो गया है।

हाइलाइट्स:

  • प्रदेशवासियों को सौगात देने में जुटी गहलोत सरकार
  • सीएम गहलोत के निर्देश पर विभाग एक्टिव
  • सरकार कर रही है कानून बदलने की तैयारी
  • राज्य में पांच से 11 फीसदी तक बाहरी युवाओं को मिल रही है नौकरी

जयपुर
राजस्थान में जहां अब सरकार की ओर से लाखों नौकरियों का पिटारा खोला जा रहा है। वहीं उसके साथ ही प्रदेश में राज्य सरकार एक और कवायद में जुटी है, जिससे आगामी दिनों में राजस्थान की सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को ही प्राथमिकता मि्ल सकें। राज्य सरकार की ओर से इसे लेकर 15 राज्यों की स्टडी भी की जा रही है। आपको बता दें कि देश के कई राज्यों में कई विभागों में सिर्फ स्थानीय युवाओं को ही तरजीह दी जाती है। लिहाजा अब गहलोत सरकार भी स्टडी के माध्यम से इसी दिशा में कदम बढ़ा रही है।

की जा रही है 15 राज्यों की स्टडी
मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले सीएम अशोक गहलोत की ओर से इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद से मुख्यमंत्री कार्यालय व कार्मिक विभाग के अफसर मप्र, ओडिशा, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, प. बंगाल, असम, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित 15 से अधिक राज्यों के प्रावधानों की स्टडी करने में जुट गए हैं। जल्द स्टडी को अंतिम रूप देकर फाइनल कर दिया जाएगा।

पहले कानून बदलेगी, फिर होगी नई भर्ती
यह भी जानकारी मिली है कि बार-बार भर्तियों में विज्ञप्ति में संशोधन के पेंच उलझते हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि स्थानीय युवाओं को नौकरी में तरजीह देने वाला कानून लाया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं में ज्यादा से ज्यादा नौकरी मिले। साथ ही आगामी 2023 चुनाव में भी इसका फायदा उठाया जा सके।

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