हर्ष छिक्कारा बने इंसानियत के प्रेरक

देश
गरीब परिवारों कि मदद करते हुए हर्ष छिक्कारा

जयपुर I देश प्रदेश में जहा लोग स्वार्थ कि भावना से एक दुसरे के दुखो का मजाक बनाते है वही आज इस दौर में इंसानियत के प्रेरक सोनीपत में रहने वाले हर्ष छिक्कारा कि हम बात करते है, हर्ष यह 31 वर्ष का एक नोजवान युवा है, हर्ष जब सात वर्ष का था तो उसकी मा सुनीता बीमार हो गई थी और गरीबी के कारण इलाज के लिए पैसे नही होने के कारण उसकी मा कि मौत हो गई, कुछ समय उपरान्त हर्ष के दादा – दादी कि भी मौत हो गई I हर्ष के परिवार कि आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण पढाई के लिए स्कूल कि फ़ीस देने में भी असमर्थ थे I

इसी दौरान परिवार कि सम्पूर्ण जिमेदारी उठाना मुश्किल था तो हर्ष ने 14 वर्ष कि आयु में बजरी, रेत के ट्रक खाली कर मजदूरी शुरू कर दी I धीरे धीरे हर्ष ने क्रिकेट में कदम रखा और सोनीपत सुभाष स्टेडियम में प्रशिक्षण करना शुरू किया I हर्ष ने बताया कि वह नेशनल में पांच से छ बार हरियाणा क्रिकेट टीम में खेल चूका है और मेडल प्राप्त किये है I खेल से ही हर्ष ने भाईचारे के शुरआत करी I हर्ष ने 80 गाय कि डेयरी खोल रखी है जिससे वह गाय का दूध गरीब परिवारों को फ्री में देते है I हर्ष से जो भी मदद मांगता है तो वह हर सम्भव मदद करने का प्रयास करते है स्वयं अपनी टीम के साथ पहुच कर गरीब परिवारों के दुःख दर्द में शामिल होते है I

लॉकडाउन में गरीब परिवारों कि भगवान बनकर करी मदद

हर्ष ने देश में लॉकडाउन के दौरान गरीब परिवारों कि 59 बेटियों व बहनों कि शादिया करवा चुके है और जरुरतमदं लोगो को लगभग 75 हजार कंबल का वितरण कर चुके है, हर्ष अभी तक राजस्थान, पंजाब, यूपी, मध्यप्रदेश, हरियाणा अन्य राज्यों से लोग मदद मांग चुके है और हर्ष ने हर सम्भव मदद करने कि कोशिश करी है, लाखो कि संख्या में युवा वर्ष हर्ष के कार्यो से प्रभावित होकर उनसे जुड़े हुए है, सोसल मिडिया के माध्यम से मांगते है मदद I

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