मास्टर को अंतिम विदाई: चूरू के सुजानगढ़ में आज होगा अंतिम संस्कार

राज्य
मास्टर भंवरलाल मेघवाल की पार्थिव देह को नमन करते राजस्थान शिक्षा मंत्री और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा।
  • सोमवार को 72 साल की उम्र में भंवरलाल मेघवाल ने गुडगांव के मेदांता में अंतिम सांस ली थी
  • राजस्थान में एक दिन का राजकीय शोक घोषित, अपने विधायक की मौत पर सुजानगढ़ बंद रहा

जयपुर I राजस्थान में गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार चूरू जिले के सुजानगढ़ में किया जाएगा। फिलहाल, उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर रखी गई है। जहां मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, रघु शर्मा, गोविंद सिंह डोटासरा समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने पहुंच अंतिम नमन किया। इसके अलावा, भाजपा उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, युनुस खान समेत विपक्ष के कई नेता भी पहुंचे। इस दौरान मास्टर भंवरलाल की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे हैं। मास्टर भंवरलाल की अंतिम यात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्षा भी की जा रही।

दोपहर बाद भंवरलाल के सुजानगढ़ स्थित आवास से उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। यह शहर के बाजारों से होते हुए श्मशान घाट पहुंचेगी। मंत्री के निधन पर सुजानगढ़ बंद रहा। प्रदेश में एक दिन का राजकीय अवकाश रखा गया है। मेघवाल के अंतिम संस्कार में कई मंत्रियों के सुजानगढ़ पहुंचने की खबर है।

13 मई की रात को बिगड़ी थी भंवरलाल की तबियत
जयपुर में 13 मई की रात को मास्टर भंवरलाल मेघवाल अपने आवास पर थे। इस दौरान वे चक्कर खाकर गिर पड़े। उनकी बेटी व अन्य परिजन उन्हें साकेत अस्पताल ले गए। वहां चेकअप के बाद भंवरलाल को एसएमएस अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। तब बताया गया था कि ब्रेन हेमरेज होने से शरीर के दाहिने हिस्से में पैरालिसिस अटैक हुआ था। कुछ दिनों बाद एयर एंबुलेंस से मेघवाल को मेदांता अस्पताल भेजा गया था।

परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी; एक बेटी का 29 अक्टूबर को हुआ निधन

सुजानगढ़ के शोभासर ग्राम पंचायत के गांव बाघसर पूर्वी में चुनाराम मेघवाल के यहां 2 जुलाई 1948 को मास्टर भंवरलाल मेघवाल का जन्म हुआ। वर्तमान में परिवार सुजानगढ़ उपखंड मुख्यालय के पीछे स्थित जयनिवास में रहता है। भंवरलाल मेघवाल की शादी 15 मई 1965 को केसर देवी से हुई। इनके एक बेटा व दो बेटी हैं। एक बेटी बनारसी देवी भी राजनीति में सक्रिय थीं। चूरू की जिला प्रमुख भी रही थीं। उनका 29 अक्टूबर को निधन हो गया था। जबकि भंवरलाल के इकलौते बेटे मनोज व्यवसाय करते हैं।

Leave a Reply